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खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सिंगापुर दौरा 2 अक्टूबर से

रायपुर, 28 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने, खनिज संसाधनों का मूल्य संवर्धन (Value Addition) करने और स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगामी सिंगापुर दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 2 से 7 अक्टूबर 2026 तक सिंगापुर के प्रवास पर रहेंगे।

🤝 भारत-सिंगापुर व्यापार सम्मेलन में होंगे शामिल

इस 6 दिवसीय दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 4 से 6 अक्टूबर के बीच आयोजित होने वाले ‘भारत-सिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन’ में शामिल होंगे। हालांकि, इस दौरे का विस्तृत और मिनट-टू-मिनट आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी होना बाकी है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

⚙️ पारंपरिक खनन से आगे बढ़ने की तैयारी

इस यात्रा को छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को पारंपरिक ढर्रे से निकालकर आधुनिक वैश्विक मंच पर लाने के एक बड़े अवसर के रूप में देखा जा रहा है। राज्य सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि छत्तीसगढ़ केवल कच्चे खनिज के उत्खनन (Mining) तक सीमित न रहे। इसके बजाय:

  • खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और धातु आधारित विनिर्माण को बढ़ावा मिले।
  • औद्योगिक उपकरण निर्माण और आधुनिक तकनीक वाले उद्योगों को आकर्षित किया जाए।
  • सहायक उद्योगों, परिवहन, भंडारण (Logistics) और सेवा क्षेत्र (Service Sector) में नए व्यापारिक रास्ते खुलें।

🌟 वैश्विक निवेशकों के सामने रखी जाएगी राज्य की ताकत

सिंगापुर में वैश्विक उद्योगपतियों और निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को मजबूती से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए राज्य की मुख्य ताकत के रूप में प्रचुर खनिज संपदा, सरप्लस बिजली उपलब्धता, सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क और मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को प्रमुखता से पेश किया जाएगा।

🎯 एमओयू को जमीन पर उतारना होगी मुख्य चुनौती

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के बाद राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल निवेश के प्रस्ताव (MoUs) हासिल करने की नहीं होगी, बल्कि उन्हें जल्द से जल्द धरातल पर उतारने की होगी। उद्योगों की स्थापना समय पर होने से ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के वास्तविक अवसर पैदा हो सकेंगे।

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