रायपुर/जांजगीर-चांपा, 28 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार, महानदी के बढ़ते जलस्तर और जांजगीर-चांपा जिले के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर महानदी के पुल पर पानी का बहाव बढ़ने के कारण आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
कलेक्टर और एसपी ने किया जमीनी निरीक्षण
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने शिवरीनारायण पहुंचकर बैराज, पुल और महानदी के तटीय क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नदी के जलस्तर, बहाव की स्थिति और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
राहत शिविर और स्वास्थ्य टीमें तैनात
प्रभावित नागरिकों के लिए श्री महंत लालदास महाविद्यालय में राहत शिविर बनाया गया है। इस शिविर में प्रभावित लोगों के ठहरने, भोजन, स्वच्छ पेयजल, बिजली और शौचालय सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसके साथ ही, जलभराव से फैलने वाली बीमारियों और संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार नागरिकों की जांच कर रही हैं।
मुनादी कर लोगों को किया जा रहा सतर्क
तटीय और संवेदनशील क्षेत्रों में मुनादी (लाउडस्पीकर) के माध्यम से नागरिकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर-एसपी ने राजस्व, पुलिस, नगर सेना, जल संसाधन और स्वास्थ्य विभाग को आपस में तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल रेस्क्यू किया जा सके।
प्रशासन की अपील: सेल्फी और वीडियो के चक्कर में न डालें जान
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे नदी, पुल, घाट और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं। अधिकारियों ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि लोग तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी या वीडियो बनाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं और प्रशासन द्वारा बंद किए गए रास्तों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है।



