नई दिल्ली। उत्तर भारत में जहां गर्मियों के दिनों में छाछ, लस्सी और आम पन्ना का क्रेज रहता है, वहीं दक्षिण भारत में एक बेहद खास और पारंपरिक ड्रिंक चाव से पी जाती है। इसे रागी की अंबली (Ragi Ambli) कहते हैं। रागी (मड़ुआ/फिंगर मिलेट) को छाछ और खास मसालों के साथ मिलाकर तैयार की जाने वाली यह ड्रिंक न केवल शरीर को तुरंत ठंडक देती है, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखती है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर होने के कारण यह महिलाओं की सेहत के लिए अमृत के समान है।
रागी अंबली पीने के 4 बेजोड़ फायदे
रागी एक ऐसा सुपरफूड है जिसे अपनी दैनिक डाइट में शामिल करने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं। अंबली के रूप में इसका सेवन करने से ये मुख्य फायदे होते हैं:
कैल्शियम का खजाना: अन्य अनाजों की तुलना में रागी में सबसे अधिक कैल्शियम पाया जाता है। यह हड्डियों को अंदर से मजबूती देता है और दांतों को स्वस्थ रखता है। बढ़ती उम्र की महिलाओं के लिए यह बेहद जरूरी है।
वजन घटाने में मददगार: रागी में भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है। इसे पीने के बाद पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे अनहेल्दी स्नैकिंग और बार-बार होने वाली फूड क्रेविंग्स से बचाव होता है।
नेचुरल कूलेंट: जब रागी के आटे को पकाकर छाछ के साथ मिलाया जाता है, तो यह पेट की गर्मी को शांत करता है। यह एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी समस्याओं में तुरंत राहत देता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल: रागी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी कम होता है। इसके सेवन से खून में ग्लूकोज की मात्रा अचानक नहीं बढ़ती, जिससे डायबिटीज मरीजों के लिए यह एक बेहतरीन और सुरक्षित ड्रिंक बन जाती है।
घर पर कैसे बनाएं पारंपरिक रागी अंबली?
रागी अंबली को दो तरीकों से बनाया जाता है—एक तरीका इसे तुरंत बनाने का है और दूसरा इसे फर्मेंट (खमीर उठाकर) करने का है। सेहत के लिहाज से फर्मेंटेड अंबली को ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।
सामग्री: रागी का आटा (3-4 चम्मच), पानी (2 कप), ताजी छाछ या खट्टा दही (1 कप), बारीक कटा प्याज (1 चम्मच), बारीक कटी हरी मिर्च, कड़ी पत्ता, भुना जीरा पाउडर, नमक (स्वादानुसार) और बारीक कटा हरा धनिया।
बनाने की विधि: सबसे पहले एक बर्तन में रागी के आटे को थोड़े से पानी के साथ बिना गांठ पड़े घोल लें। अब बचे हुए पानी को उबलने के लिए रखें। जब पानी उबलने लगे, तो रागी का घोल इसमें डालें और लगातार चलाते रहें। इसे 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक कि यह गाढ़ा और चमकीला न दिखने लगे। इसके बाद गैस बंद कर दें और मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें।
मिश्रण ठंडा होने के बाद इसमें छाछ, नमक, भुना जीरा पाउडर, कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च और कड़ी पत्ता डालकर अच्छी तरह मथ लें। आपकी रिफ्रेशिंग रागी अंबली तैयार है। इसे मिट्टी के कुल्हड़ या गिलास में निकालें और ऊपर से हरा धनिया डालकर परोसें।
आम जनता के लिए सलाह: कब और कैसे पिएं?
रागी अंबली का सेवन सुबह खाली पेट या दोपहर के लंच से पहले करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। चूंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए यह आपको दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखती है। ध्यान रखें कि अगर आप इसे फर्मेंट करके पी रहे हैं, तो रागी के पके हुए मिश्रण को रातभर के लिए छोड़ दें और सुबह उसमें छाछ मिलाकर पिएं। यह तरीका पेट के अल्सर और कब्ज जैसी पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म करने में मदद करता है।



