गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में पटवारियों की जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच गरियाबंद जिला प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने और विभागीय प्रगति संतोषजनक न होने के कारण जिले के 9 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन द्वारा यह सख्त कदम राजस्व कार्यों की समीक्षा के बाद उठाया गया है, जिसमें गिरदावरी, नक्शा और बटांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई थी।
नोटिस का जवाब न देने पर हुआ एक्शन
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग के कामकाज की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि संबंधित पटवारियों को सौंपे गए गिरदावरी और नक्शा-बटांकन के काम बेहद धीमी गति से चल रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने इन पटवारियों को काम पर लौटने और स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया था। अल्टीमेटम और नोटिस का कोई सकारात्मक जवाब न मिलने के चलते प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कुल 9 पटवारियों के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
13 अक्टूबर से जारी है हड़ताल
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर गरियाबंद सहित पूरे प्रदेश में पटवारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 13 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के कारण किसानों और आम जनता के जमीन संबंधी कई जरूरी काम अटके हुए हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच प्रशासन द्वारा की गई इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से आंदोलनकारी पटवारियों में हड़कंप मच गया है।



