रायपुर। छत्तीसगढ़ के मदिरा प्रेमियों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग ने शराब की खरीद-बिक्री को लेकर नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। आगामी 1 अक्टूबर 2026 से राज्य की सभी 49 प्रीमियम शराब दुकानों पर नकद लेनदेन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इन दुकानों से शराब खरीदने के लिए अब जेब में कैश रखने के बजाय मोबाइल में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा होना अनिवार्य होगा।
📱 QR कोड स्कैन कर करना होगा भुगतान
आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, काउंटर पर शराब खरीदने के बाद ग्राहकों को दुकान में लगे आधिकारिक QR कोड को स्कैन कर डिजिटल पेमेंट करना होगा। डिजिटल मोड के जरिए भुगतान सफल होने के बाद ही शराब की बोतल ग्राहकों को सौंपी जाएगी।
🚫 क्यों लिया गया यह फैसला?
विभाग ने यह कड़ा कदम प्रीमियम शराब दुकानों पर लगातार मिल रही ‘ओवररेट’ (तय कीमत से अधिक पैसे वसूलने) की शिकायतों के बाद उठाया है। अक्सर शिकायतें आती थीं कि सेल्समैन प्रिंट रेट (MRP) से ज्यादा पैसे वसूलते हैं। भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल करने से ओवररेटिंग के इस खेल पर पूरी तरह लगाम कसने की तैयारी है।
📊 कैशलेस व्यवस्था के मुख्य लाभ:
- डिजिटल रिकॉर्ड: कैशलेस भुगतान होने से हर एक बोतल की बिक्री का एक परमानेंट डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
- आसान निगरानी: आबकारी विभाग सीधे मुख्यालय से हर दुकान के लेनदेन और स्टॉक की मॉनिटरिंग कर सकेगा।
- शिकायत की तुरंत जांच: यदि कोई दुकान संचालक या सेल्समैन तय MRP से अधिक राशि लेता है, तो ग्राहक का ऑनलाइन पेमेंट स्क्रीनशॉट या ट्रांजैक्शन आईडी शिकायत के समय एक पुख्ता सबूत का काम करेगी।
📢 ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह
आबकारी विभाग ने राज्य के नागरिकों और ग्राहकों से अपील की है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद जब भी वे प्रीमियम दुकानों पर जाएं, तो बोतल पर दर्ज MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगे जाने पर डिजिटल ट्रांजैक्शन की रसीद के साथ तुरंत विभाग को शिकायत दर्ज कराएं। विभाग का मुख्य उद्देश्य शराब बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है।



