बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नवरात्रि उत्सव से ठीक पहले सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और गरबा पास व मेकअप प्रमोशन के नाम पर अश्लीलता तथा अभद्रता फैलाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में बिलासपुर पुलिस ने त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें 5 युवतियां और 4 युवक शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ बाउंड ओवर और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की है।
क्या है पूरा मामला?
देशभर में इस साल 2026 की नवरात्रि का त्योहार 11 अक्टूबर रविवार से शुरू हो रहा है। त्योहार के इस पावन मौके पर बिलासपुर में गरबा और डांडिया आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसने पूरे शहर में विवाद खड़ा कर दिया।
वायरल रील में पारंपरिक गरबा परिधान पहनी कुछ युवतियां, लड़कों के साथ मिलकर सार्वजनिक सड़क पर खुलेआम धूम्रपान (सिगरेट पीती) करती और पिस्तौलनुमा हथियार लहराती नजर आ रही थीं। इस रील को ‘सीफा मैथ्यूज’ (शिफा मैथ्यू) नाम के सोशल मीडिया अकाउंट से वायरल किया गया था, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर गरबा पास बेचना और मेकअप आर्टिस्ट का प्रमोशन करना था।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप, पुलिस का कड़ा एक्शन
पवित्र गरबा पोशाक में सिगरेट पीने और हथियारों का प्रदर्शन करने के इस कृत्य को हिंदू संगठनों (बजंरग दल) और आम नागरिकों ने धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ माना। इसके विरोध में नागरिकों और संगठनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सिविल लाइन पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया और रील में शामिल मुख्य आरोपी शिफा मैथ्यू समेत सभी 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बिलासपुर पुलिस ने सख्त हिदायत दी है कि त्योहारों के नाम पर या सोशल मीडिया पर व्यूज बटोरने के लिए किसी भी धार्मिक संस्कृति का अपमान या कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



