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चक्रवात ‘अर्णव’ का महाअलर्ट: छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में कल ‘रेड अलर्ट’, 5 जिलों में आज स्कूल बंद; जानें कैसे पड़ा यह नाम

रायपुर। चक्रवाती तूफ़ान ‘अर्णव’ को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार और मौसम विभाग पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं। तूफ़ान के बढ़ते खतरे और छात्र सुरक्षा को देखते हुए राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्कूलों में छुट्टी घोषित करने के अधिकार सौंप दिए हैं।

🚨 5 जिलों में आज स्कूलों की छुट्टी घोषित

कलेक्टरों के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) ने बुधवार (28 अक्टूबर) को इन 5 जिलों के स्कूलों में अवकाश का आदेश जारी कर दिया है:

  • दंतेवाड़ा
  • बीजापुर
  • बालोद
  • कांकेर
  • राजनांदगाँव

विभाग ने साफ किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए कलेक्टर परिस्थितियों का आकलन कर आगे भी छुट्टियों पर निर्णय ले सकते हैं।

🔴 29 अक्टूबर को 4 जिलों में ‘रेड अलर्ट’, भारी तबाही की आशंका

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 48 घंटे राज्य के लिए बेहद संवेदनशील हैं। 29 अक्टूबर को 4 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी से अत्यंत भारी बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है:

  1. गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM)
  2. बिलासपुर
  3. मुंगेली
  4. कबीरधाम (कवर्धा)

इसके साथ ही कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और राजनांदगांव में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर यातायात बाधित होने और बिजली गिरने (आकाशीय बिजली) की गंभीर चेतावनी दी है।

⛈️ आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के दौरान क्या करें और क्या न करें?

प्रशासन ने आम जनता से बेहद सतर्क रहने की अपील की है और सुरक्षा के लिए निम्नलिखित गाइडलाइंस जारी की हैं:

  • पेड़ों और होर्डिंग्स से दूर रहें: तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और साइनबोर्ड्स के नीचे कतई खड़े न हों।
  • खुले मैदान में न जाएं: आकाशीय बिजली चमकने के समय खेत, तालाब, पानी वाली जगहों और खुले मैदानों से तुरंत हट जाएं।
  • पक्के मकान में लें शरण: यदि आप रास्ते में हैं, तो जल्द से जल्द किसी मजबूत और सुरक्षित इमारत के अंदर चले जाएं।
  • जलभराव वाले रास्तों से बचें: उफनते नालों, रपटों या पानी से भरी सड़कों को पार करने की कोशिश न करें और यात्रा करने से बचें।

🌐 कैसे पड़ा इस चक्रवात का नाम ‘अर्णव’?

इस खतरनाक चक्रवाती तूफ़ान का नाम ‘अर्णव’ (Arnab) बांग्लादेश ने रखा है।

दरअसल, उत्तर हिंद महासागर (बंगाल की खाड़ी और अरब सागर) में उठने वाले चक्रवातों के नाम तय करने के लिए भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत 13 देशों का एक समूह है। इन सभी देशों ने 13-13 नाम सुझाए हैं, जिससे कुल 169 नामों की एक आधिकारिक सूची

तैयार की गई है (जिसे अप्रैल 2020 में अपनाया गया था)। वर्णानुक्रम (Alphabetical order) और तय क्रम के अनुसार, इस बार सूची से बांग्लादेश द्वारा सुझाया गया नाम ‘अर्णव’ इस चक्रवात को दिया गया है।


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