रायपुर। रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) की प्रस्तावित आवासीय कॉलोनी को लेकर पिरदा गांव के किसानों और ग्रामीणों की पिरदा गांव की जमीन का सरकार द्वारा अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।
विधायक अनुज शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि ग्रामीण अपनी जमीन पर आवासीय प्रोजेक्ट नहीं चाहते हैं, तो सरकार उनकी इच्छा के खिलाफ कोई परियोजना नहीं लाएगी।
दरअसल, रायपुर विकास प्राधिकरण ने पूर्व नियोजित प्लान के तहत पिरदा गांव की जमीन को कौशल्या विहार कॉलोनी के विस्तार के लिए चिन्हांकित किया था।
इसकी जानकारी सामने आने के बाद गांव के किसानों और ग्रामीणों में जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी कृषि भूमि पर खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं।
वहीं करीब 20 प्रतिशत ग्रामीणों के मकान भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं। ऐसे में ग्रामीण अपनी जमीन RDA को देने के लिए तैयार नहीं थे।
विधायक अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर पिरदा के ग्रामीणों की स्थिति और उनकी मांग से उन्हें अवगत कराया।
ग्रामीणों की भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी से मोबाइल पर चर्चा कर ग्रामीणों का पक्ष सुनने के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने कहा कि विधायक अनुज शर्मा ने उनकी जमीन और हितों के लिए उनके साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया था, जिसे उन्होंने पूरा किया है। ग्रामीणों के मुताबिक, RDA की प्रस्तावित परियोजना को लेकर उनकी चिंता अब दूर हो गई है।




