बिलासपुर। बिलासपुर के पुराना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित शारदा लॉज में कोरबा के एक ट्रांसपोर्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान दीपका निवासी प्रतीक जायसवाल के रूप में हुई है। पुलिस को लॉज के कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें प्रतीक ने पिछले 7-8 महीने से डिप्रेशन और तनाव में होने की बात लिखी है। साथ ही माता-पिता से माफी मांगी है।
दरअसल, प्रतीक की दादी बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी देखरेख के लिए वह कोरबा से बिलासपुर आया था। रविवार को उसका छोटा भाई भी बिलासपुर पहुंचा। तीन-चार दिन अस्पताल में रहने के बाद भाई ने प्रतीक को घर जाने के लिए ऑटो में बैठाया, लेकिन वह घर जाने के बजाय पुराना बस स्टैंड स्थित शारदा लॉज पहुंच गया। यहां उसने कमरा बुक कराया और रात वहीं रुका।
सोमवार सुबह लॉज के कमरे का दरवाजा बंद मिला। दूसरी ओर, प्रतीक के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से परिजनों को उसके शारदा लॉज में ठहरने की जानकारी मिली। इसके बाद परिजन तत्काल लॉज पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो प्रतीक का शव फंदे पर लटका मिला।
पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेज दिया। जांच के दौरान कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में प्रतीक ने लिखा कि वह पिछले 7-8 महीने से डिप्रेशन और काफी तनाव में था। फिलहाल आत्महत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और परिजनों से पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है।




