रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार इस साल 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का बड़ा लक्ष्य तय करने जा रही है, जो पिछले सीजन (149 लाख टन) से करीब 11% अधिक है। इस प्रस्तावित नीति और किसानों की मांगों पर अंतिम मुहर 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लग सकती है।
धान खरीदी से जुड़ी बड़ी बातें और मुख्य बदलाव:
- संभावित तारीखें: धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 31 जनवरी 2027 तक चलने की उम्मीद है। हालांकि, विपक्ष इसे 1 नवंबर से ही शुरू करने की मांग कर रहा है।
- प्रति एकड़ सीमा: इस बार भी किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा।
- छोटे किसानों को प्राथमिकता: प्रस्तावित नीति के तहत कुल खरीदी का 70 फीसदी हिस्सा लघु और सीमांत (छोटे) किसानों से लिया जाएगा।
- नया नियम (एग्रीस्टैक): इस साल किसानों के लिए एग्रीस्टैक (AgriStack) पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, धान बेचने के लिए टोकन काटने हेतु 7 दिन पहले आवेदन करना होगा।
- कीमत बढ़ाने की मांग: पिछले साल धान का मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बार भारतीय किसान संघ ने इसे बढ़ाकर 3358 रुपये प्रति क्विंटल करने और बोनस की चौथी किस्त जल्द जारी करने की मांग उठाई है।
- बीज उत्पादक किसान: बीज तैयार करने वाले किसानों से धान की खरीदी मार्च से मई 2027 के बीच अलग से की जाएगी।
27 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में धान खरीदी नीति के साथ-साथ राज्योत्सव (1 नवंबर) की तैयारियों पर भी बड़ा फैसला आ सकता है, जिसके बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।



