‘लिंडसे ग्राहम एक्ट’ के तहत लगने वाले सख्त आर्थिक प्रतिबंधों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिलहाल टाला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत और चीन को व्यापार शुल्कों (टैरिफ) और प्रतिबंधों से बहुत बड़ी राहत दी है। ट्रंप ने बीते महीने हस्ताक्षर किए गए सख्त कानून ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट’ के तहत लगने वाले 100% तक के शुल्कों को फिलहाल लागू न करने का ऐलान किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह छूट देना संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है।
- 100% शुल्क का प्रावधान: इस सख्त कानून के मुताबिक, जो भी देश रूस से तेल और गैस का आयात जारी रखेंगे, उन पर अमेरिका 100 फीसदी तक का भारी-भरकम व्यापार शुल्क लगाने वाला था। दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम इस कानून के सबसे बड़े समर्थक थे।
- भारत-चीन को सीधा फायदा: रूस से कच्चे तेल और ऊर्जा संसाधनों की सबसे ज्यादा खरीद भारत और चीन ही करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले से दोनों देशों को होने वाला भारी आर्थिक नुकसान फिलहाल टल गया है।
- सख्त निगरानी रहेगी जारी: ट्रंप प्रशासन ने साफ किया है कि यह राहत अभी के लिए अस्थायी है। अमेरिका आगामी 18 अक्टूबर से रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर इन शुल्कों को भविष्य में वापस भी लाया जा सकता है।



