रायपुर, 25 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत धान खरीदी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है. खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में धान उपार्जन केंद्रों की स्थिति, बारदानों की उपलब्धता और कस्टम मिलिंग की प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई. बैठक में साफ तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि धान खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह किसान-केंद्रित होनी चाहिए और किसानों को केंद्रों पर कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए.
360 नए खरीदी केंद्रों से किसानों को मिलेगी राहत
इस साल किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं. नए केंद्र खुलने से किसानों को अब अपनी उपज बेचने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. खाद्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इन सभी नए और पुराने केंद्रों पर आवश्यक संसाधन, तौल उपकरण और अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं धान खरीदी शुरू होने से पहले अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाएं.
बारदानों की कमी न हो, 3.64 लाख गठान की व्यवस्था
धान खरीदी के दौरान बारदानों की किल्लत से निपटने के लिए भी सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं. छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा जूट कमिश्नर, कोलकाता के माध्यम से 3.64 लाख गठान नए जूट बारदानों की व्यवस्था की जा रही है.
- इसमें से अब तक 1.14 लाख गठान नए जूट बारदाने राज्य को प्राप्त हो चुके हैं.
- बाकी बचे बारदानों की आपूर्ति भी समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि खरीदी सुचारू रूप से चल सके.




