सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक तीन महीने की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शुरुआती जांच और कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने बच्ची की हत्या के आरोप में उसके ही नाबालिग माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। [1, 2]
आधी रात को गायब हुई थी बच्ची
पुलिस के मुताबिक, यह खौफनाक घटना 29 सितंबर की रात की है। रोज की तरह परिवार के सभी सदस्य खाना खाकर सो गए थे। रात करीब 2 बजे बच्ची के पिता ने अचानक शोर मचाया और परिजनों को बताया कि तीन महीने की बेटी बिस्तर से गायब है। इसके बाद रात में ही परिजनों और आसपास के लोगों ने घर, आंगन और खेतों में बच्ची की काफी तलाश की, लेकिन उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला। [1]
सुबह पानी के ड्रम में मिला शव
घटना के अगले दिन यानी 30 सितंबर की सुबह करीब 7:30 बजे जब बच्ची की दादी आंगन में पानी भरने के लिए गईं, तो वहां रखे एक पानी के ड्रम में बच्ची मृत अवस्था में पड़ी मिली। मासूम का शव देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा कर मामले की विस्तृत जांच शुरू की। [1]
पुलिस पूछताछ में खुला राज, बीमारी और आर्थिक तंगी बनी वजह
घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और बयानों में विरोधाभास के कारण पुलिस को बच्ची के माता-पिता की भूमिका पर पहले से ही संदेह था। जब पुलिस ने दोनों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। [1]
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मासूम बच्ची जन्म के बाद से ही लगातार बीमार रहती थी। नाबालिग माता-पिता बच्ची के इलाज के खर्च और परिवार की आर्थिक तंगी के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में चल रहे थे। इसी हताशा और तंगहाली के चलते उन्होंने इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया। [1]
पहचान रखी गई गोपनीय
चूंकि बच्ची के माता-पिता दोनों कानूनन नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने पोक्सो और किशोर न्याय अधिनियम के नियमों के तहत बच्ची और उसके परिवार की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि कोर्ट में पुख्ता साक्ष्य पेश किए जा सकें। [1]



