रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संबोधन में इस बार युवाओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों पर खास फोकस देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल में युवाओं के लिए किए गए भर्ती सुधार, कौशल विकास, रोजगार, तकनीकी शिक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े फैसलों को उपलब्धियों के तौर पर सामने रख सकते हैं।
सरकार की ओर से पिछले ढाई वर्षों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। ऐसे में 15 अगस्त के संबोधन में युवा रोजगार, कौशल विकास और भविष्य की तकनीकी जरूरतों को प्रमुखता मिलने की संभावना है।
पांच साल में ₹500 करोड़ का AI मिशन
युवाओं के भविष्य को तकनीक से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने ₹500 करोड़ के छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन को मंजूरी दी है। पांच साल की अवधि वाले इस मिशन के जरिए प्रदेश में AI आधारित इकोसिस्टम विकसित करने की तैयारी है।
इसके तहत 100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।
वहीं 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहयोग और 50 से अधिक AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने की योजना है। ऐसे में 15 अगस्त के भाषण में AI और नई तकनीक के जरिए युवाओं के लिए बनने वाले रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी अहम विषय हो सकते हैं।
भर्ती प्रक्रिया में बड़े बदलाव
युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन शामिल है। राज्य में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, एकीकृत और समयबद्ध बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 विधानसभा से पारित किया गया है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की भर्ती प्रक्रिया में भी सुधार किए गए हैं। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया है। पिछली सरकार के कार्यकाल में सामने आए PSC भर्ती घोटाले की जांच CBI को सौंपे जाने और मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को भी सरकार युवाओं के हित में उठाए गए कदम के तौर पर प्रस्तुत करती रही है।
सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के लिए निश्चित परीक्षा कैलेंडर लागू करने की दिशा में भी काम शुरू किया है। मुख्यमंत्री लगातार यह संदेश देते रहे हैं कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
SI मुख्य परीक्षा की नई तारीख
युवाओं से जुड़ा एक ताजा फैसला सब-इंस्पेक्टर कैडर और प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024 को लेकर भी हुआ है। अक्टूबर में प्रस्तावित यह परीक्षा अब 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
परीक्षा तिथि में बदलाव से अभ्यर्थियों को दूसरी परीक्षाओं के साथ होने वाले संभावित टकराव से राहत मिलेगी।
कौशल विकास और रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास विभाग के अंतर्गत युवाओं को अधिक से अधिक कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने जिलों में नियमित रूप से रोजगार मेले आयोजित करने पर भी जोर दिया है, ताकि युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत वर्ष 2013 से अब तक 4.90 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से करीब 2.71 लाख युवाओं को रोजगार मिलने की जानकारी अधिकारियों ने दी है।
राज्य में वर्तमान में 356 प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं के माध्यम से 207 पंजीकृत कोर्स संचालित किए जा रहे हैं।
ITI का आधुनिकीकरण और उद्योगों की जरूरत के मुताबिक ट्रेनिंग
सरकार का फोकस ITI के आधुनिकीकरण पर भी है। मुख्यमंत्री ने उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए ITI को आधुनिक बनाने पर जोर दिया है।
केंद्र की प्रधानमंत्री सेतु योजना के तहत छत्तीसगढ़ में 6 क्लस्टर चुने गए हैं। इनके जरिए ITI के उन्नयन और उद्योग आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की योजना है।
तकनीकी शिक्षा में भी युवाओं की रुचि बढ़ी है। सत्र 2025-26 में इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में दाखिले में 31 प्रतिशत और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में 36 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
नई उद्योग नीति से निजी क्षेत्र में रोजगार की उम्मीद
सरकार युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के साथ निजी क्षेत्र को भी रोजगार का बड़ा माध्यम बनाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक नई उद्योग नीति के तहत करीब 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए हैं और सेमीकंडक्टर, AI डेटा सेंटर तथा टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में काम शुरू हो रहा है।
ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है, जो बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे। सरकार की योजना उद्योगों के साथ युवाओं को सीधे जोड़ने के लिए रोजगार मेलों के आयोजन की भी है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी युवाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताते हुए प्रदेश में शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया है। बस्तर में नक्सल समस्या कम होने के बाद एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही जनजातीय विद्यार्थियों को बेहतर उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना की संभावना पर भी जोर दिया गया है।स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने रखा जा सकता है। प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित होने और पांच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिलने की जानकारी मुख्यमंत्री ने दी है। इन नए कॉलेजों में कुल 250 सीटें स्वीकृत होने और इसी वर्ष पढ़ाई शुरू होने की बात कही गई है।





