आरंग / रायपुर। रायपुर जिले के मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में मवेशी तस्करी का एक बेहद दिल दहला देने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। नेशनल हाईवे-53 से लगे उमरिया धान खरीदी केंद्र के पास खड़े एक संदिग्ध मालवाहक वाहन से पुलिस ने 15 भैंसें बरामद की हैं। तस्करों द्वारा वाहन में क्षमता से अधिक मवेशियों को क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरा गया था, जिसके कारण दम घुटने और भूख-प्यास से 13 भैंसों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस भीषण क्रूरता के बीच केवल दो मवेशी ही जीवित बच पाए हैं।
ग्रामीणों के संदेह के बाद खुली तस्करों की पोल
जानकारी के अनुसार, मालवाहक वाहन जिसका क्रमांक MP 07 GA 9910 है, काफी समय से उमरिया धान खरीदी केंद्र के पास लावारिस और संदिग्ध स्थिति में खड़ा हुआ था। स्थानीय ग्रामीणों को जब इस पर संदेह हुआ, तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना मंदिर हसौद थाना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जब वाहन की जांच की गई, तो अंदर का खौफनाक दृश्य देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। वाहन के भीतर मवेशी बेहद दयनीय स्थिति में बंधे हुए थे, जिनमें से अधिकांश दम तोड़ चुके थे। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी वाहन चालक गाड़ी को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया।
बड़े अंतरराज्यीय गिरोह की आशंका
प्रारंभिक जांच और गाड़ी के नंबर (मध्य प्रदेश पासिंग) को देखते हुए पुलिस को इस मामले में किसी बड़े अंतरराज्यीय मवेशी तस्करी गिरोह के शामिल होने की मजबूत आशंका है। पुलिस अब बारीकी से इस बात की पड़ताल कर रही है कि:
- यह मवेशी कहाँ से लाए गए थे और इन्हें कहाँ ले जाया जा रहा था?
- इतनी सुरक्षा के बीच यह वाहन धान खरीदी केंद्र तक कैसे पहुँच गया और इसे यहाँ लावारिस क्यों छोड़ा गया?
थाना प्रभारी का बयान और कार्रवाई
इस पूरे मामले पर मंदिर हसौद थाना प्रभारी आशीष यादव ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग को तुरंत सूचित कर दिया गया था। सभी मृत मवेशियों का नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, ताकि उनकी मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सके। इसके साथ ही फरार चालक और वाहन मालिक का पता लगाने के लिए पुलिस ने सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
स्थानीय नागरिकों और पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश
नेशनल हाईवे-53 जैसे बेहद व्यस्त और मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से मवेशियों का इस तरह खुलेआम परिवहन होना, इलाके की सुरक्षा और पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। बेजुबान जानवरों के साथ हुई इस भीषण क्रूरता को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, नागरिकों और पशु प्रेमियों में भारी आक्रोश व्याप्त है, और उन्होंने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।



