Homeबलौदाबाजारछत्तीसगढ़ में 5000 मीटर रीडरों पर मंडराया बेरोजगारी का संकट: बलौदाबाजार कलेक्टर...

छत्तीसगढ़ में 5000 मीटर रीडरों पर मंडराया बेरोजगारी का संकट: बलौदाबाजार कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

  • ​ऑटो पंचिंग और पेपरलेस बिलिंग प्रणाली लागू होने से छिन रही आजीविका; स्पष्ट पुनर्वास नीति की मांग को लेकर लामबंद हुए कर्मचारी


बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा तकनीकी बदलावों के नाम पर लागू की जा रही नई प्रणालियों से प्रदेश भर के हजारों मीटर रीडरों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो गया है। बिजली विभाग में ‘ऑटो पंचिंग प्रणाली’ शुरू होने के बाद से अब कर्मचारियों को घर-घर जाकर मैनुअल मीटर रीडिंग की जरूरत नहीं पड़ रही है। इस फैसले के विरोध में और अपने रोजगार की सुरक्षा को लेकर मीटर रीडरों ने बलौदाबाजार जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

​अस्थायी कार्यों के भरोसे सिमटा भविष्य

मीटर रीडरों ने बताया कि लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे करीब 5000 कर्मचारी इस नई व्यवस्था से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। वर्तमान में विभाग उनसे मीटर रीडिंग के बजाय केवल ई-केवाईसी (e-KYC) का काम ले रहा है। इसके साथ ही विभाग आने वाले समय में बिजली बिलों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ करने की तैयारी में है। इससे आने वाले दिनों में ई-केवाईसी का काम खत्म होते ही इन सभी कर्मचारियों के पूरी तरह बेरोजगार होने की नौबत आ जाएगी।

​एमडी कार्यालय के घेराव के बाद भी नहीं मिला ठोस जवाब

कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि विभाग ने उनके समायोजन या पुनर्वास के लिए अब तक कोई स्पष्ट नीति नहीं बनाई है। अपनी मांगों को लेकर पूर्व में बिजली विभाग के रायपुर (डगनिया) स्थित मुख्यालय का एकदिवसीय घेराव भी किया गया था। उस दौरान प्रबंध निदेशक (MD) ने समाधान और जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब या आश्वासन नहीं मिल सका।

​कलेक्टर से हस्तक्षेप की गुहार

विभाग की बेरुखी से नाराज कर्मचारियों ने बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा को ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन से इस दिशा में तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते कई वर्षों से अपनी जान जोखिम में डालकर विभाग की सेवाएं करते आ रहे हैं, ऐसे में नई तकनीक के आगमन पर उन्हें इस तरह अचानक बेदखल करना अन्यायपूर्ण है।

​ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे प्रमुख प्रतिनिधि

कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के दौरान रायपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष खिलेश साहू, बादल सूर्यवंशी, अमित ठाकुर, यशवंत चंद्राकर, संजय बंजारे, तरण यादव, इंद्रदेव बंजारे, प्रशांत यादव, होरीलाल नवरंगे, अश्वनी साहू, जगदीश साहू, नरेंद्र वर्मा, तिलक कौशिक, विष्णु पटेल, कैलाश धृतलहरे और भगवान दास सहित बड़ी संख्या में मीटर रीडर मौजूद थे। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके रोजगार के संरक्षण के लिए पुनर्वास नीति नहीं बनाई गई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments