रायपुर / जशपुर:
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा एवं जनसभा में शामिल हुए। इस यात्रा का उद्देश्य जनता को कांग्रेस की नीतियों और लोकतंत्र विरोधी इतिहास के प्रति जागरूक करना है। जशपुर रवाना होने से पहले रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कई समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
महादेव सट्टा ऐप मामला: ‘पूछताछ में सामने आएंगे कई नाम’
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर के प्रत्यर्पण और भारत लाए जाने पर सीएम साय ने इसे केंद्रीय एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि आरोपी को विदेश से भारत ले आया गया है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि अब जब मुख्य आरोपी से गहन पूछताछ होगी, तो इस सट्टा नेटवर्क में शामिल कई बड़े और रसूखदार लोगों के नाम उजागर होंगे।
अमित जोगी पर साधा निशाना
जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (JCCJ) के नेता अमित जोगी द्वारा सौरभ चंद्राकर को ‘हीरो’ बताए जाने वाले बयान पर मुख्यमंत्री ने तीखा पलटवार किया। सीएम साय ने कहा, “यह उनकी (अमित जोगी की) सोच का परिणाम है। जैसी उनकी सोच है, उसी के अनुरूप वे अपनी क्वालिटी (गुणवत्ता) प्रदर्शित कर रहे हैं।”
कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला: ‘इन्होंने की लोकतंत्र की हत्या‘
पदयात्रा को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए सीएम साय ने कहा कि देश में लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा किसी और से नहीं, बल्कि स्वयं कांग्रेस और ‘इंडी’ (INDI) गठबंधन के लोगों से है।
कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
- आपातकाल का काला इतिहास: अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कांग्रेस ने देश में इमरजेंसी (आपातकाल) लगाकर लोकतंत्र की सरेआम हत्या की थी।
- नेताओं को जेल और मीडिया पर पाबंदी: आपातकाल के दौरान गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेल में ठंसा गया और मीडिया की स्वतंत्रता को पूरी तरह कुचलने का प्रयास किया गया।
- धारा 356 का दुरुपयोग: कांग्रेस ने अपने शासनकाल में जनता द्वारा चुनी हुई विपक्षी सरकारों को धारा 356 का दुरुपयोग करके बार-बार बर्खास्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी तानाशाही पृष्ठभूमि वाली कांग्रेस जब आज लोकतंत्र की बात करती है, तो यह बेहद हास्यास्पद लगता है।
संवैधानिक संस्थाओं पर दोहरा रवैया
मुख्यमंत्री ने चुनाव परिणामों को लेकर कांग्रेस की मानसिकता पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस का रवैया हमेशा दोहरा रहता है। जब वे चुनाव हारते हैं, तो ईवीएम (EVM) और संवैधानिक संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ते हैं, लेकिन जब वही चुनाव जीत जाते हैं, तो उसे जनता की जीत बताते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी की यह पदयात्रा जनता को इसी अराजकता और इतिहास के प्रति जागरूक करने के लिए निकाली जा रही है।



