रायपुर, 12 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के युवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विशेष प्रयासों से छत्तीसगढ़ को अपना पहला शासकीय होम्योपैथी कॉलेज मिल गया है। राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH), नई दिल्ली के होम्योपैथी चिकित्सा आकलन और रेटिंग बोर्ड (MARBH) ने नवा रायपुर स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ होम्योपैथी को मान्यता दे दी है।
इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई
इस मान्यता के मिलने के बाद अब शैक्षणिक सत्र 2026-27 से ही बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) पाठ्यक्रम की 63 सीटों पर छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। आयोग द्वारा इसके लिए सशर्त अनुमति जारी कर दी गई है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए आयुष चिकित्सा पद्धतियों में करियर बनाने की राह आसान होगी।
चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम
राज्य में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को सुदृढ़ बनाने और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में इसे एक मील का पत्थर माना जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के लगातार प्रयासों के कारण इस कॉलेज को मंजूरी मिल सकी है, जिससे अब स्थानीय छात्रों को होम्योपैथी की उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।




