नई दिल्ली/धर्म डेस्क: आज यानी 13 अक्टूबर 2026 को देश भर में शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन पूरी आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। नवरात्र का यह पावन दिन नवदुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना को समर्पित है। सुबह से ही देश के विभिन्न प्रसिद्ध शक्तिपीठों और मंदिरों में माता के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है और भक्त लंबी कतारों में लगकर मां के दर्शन कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा का स्वरूप अत्यंत शांत और कल्याणकारी माना जाता है। देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, जिसके कारण उन्हें ‘चंद्रघंटा’ कहा जाता है। सिंह पर सवार माता अपने हाथों में तलवार, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं। मान्यता है कि उनकी पूजा करने से साधक को हर प्रकार के भय से मुक्ति मिलती है और जीवन में अदम्य साहस, वीरता तथा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
ज्योतिषियों के अनुसार, आज के दिन माता रानी को दूध से बनी मिठाइयां, खीर या मखाने का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है। आज के दिन श्रद्धालु लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनकर मां की आराधना कर रहे हैं। भक्तों का विश्वास है कि माता चंद्रघंटा फौरन अपने भक्तों के कष्टों का निवारण करती हैं और परिवार में सुख-शांति व समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।



