रायपुर, 22 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ में ओला इलेक्ट्रिक कंपनी की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। राज्य के परिवहन विभाग ने ओला इलेक्ट्रिक द्वारा वाहनों के पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी में की जा रही ढिलाई को बेहद गंभीरता से लिया है. कंपनी के इस ढुलमुल रवैए के कारण परिवहन विभाग ने मोटरयान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत ओला इलेक्ट्रिक को आधिकारिक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.
3 हजार गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन पेंडिंग, खरीदार परेशान
परिवहन आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी के स्तर पर लगभग 3,000 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीयन लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है. नया वाहन खरीदने के बाद भी महीनों से ग्राहकों को अपनी गाड़ी का नंबर नहीं मिल पा रहा है, जिससे उन्हें वाहन चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
नहीं किए सब्सिडी के आवेदन, ग्राहकों को आर्थिक नुकसान
रजिस्ट्रेशन में देरी के साथ-साथ कंपनी ने बड़ी संख्या में बेचे जा चुके इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निर्धारित ‘ईवी सब्सिडी’ (EV Subsidy) के आवेदन भी संबंधित सरकारी पोर्टल पर प्रस्तुत नहीं किए हैं. कंपनी की इस लापरवाही का सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है, और वाहन स्वामियों को शासन की इस महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना का लाभ मिलने में भारी कठिनाई हो रही है.
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को असुविधा न हो और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिले। विभाग ने कंपनी को तय समय में स्पष्टीकरण देने को कहा है, और संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी है।




