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NEET विवाद पर राहुल गांधी का बड़ा हमला, सरकार के सामने रखीं 5 मांगें

नई दिल्ली। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन और फिर बीते सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई ने देश की राजनीति में उबाल ला दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को राजधानी दिल्ली धरने, प्रदर्शन और हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों की गवाह बनी। जहां विपक्ष ने प्रधानमंत्री आवास का घेराव कर छात्रों पर हुए इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया।

बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास (लोक कल्याण मार्ग) के बाहर जोरदार विरोध-प्रदर्शन और धरना दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। राहुल गांधी को छत्रसाल स्टेडियम और प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया।  प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रिहा होते ही केंद्र सरकार के सामने 5 तीखी मांगें रख दी हैं।

राहुल की 5 बड़ी मांग क्या-क्या?

विरोध प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए नेता प्रतिपक्ष ने रिहाई के साथ ही सरकार के सामने पांच बड़ी मांगे रख दी।

इस्तीफे की मांग- गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।

पुलिस पर कार्रवाई और केस वापसी- सोमवार को प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो और छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी केस वापस लिए जाएं।

माफीनामे की मांग- छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री देश से माफी मांगें।

राहुल गांधी ने पूछे तीखे सवाल

इसके अलावा राहुल गांधी ने सराकर से तीखे सवाल भी पूछे। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था क्यों चरमरा रही है? बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? भारत में पढ़ाई इतनी महंगी क्यों है कि परिवारों को अपना सब कुछ दांव पर लगाना पड़ता है? ये बिल्कुल जायज सवाल हैं और इन्हें पूछना कोई गलत बात नहीं है।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का हमला

दूसरी ओर शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि जब सरकार संसद में पूरी चर्चा के लिए तैयार है, तब भी कांग्रेस समाधान निकालने के बजाय सिर्फ राजनीतिक ड्रामा और हंगामा कर रही है। उनका मकसद छात्रों की मदद करना नहीं, बल्कि सुर्खियां बटोरना है।

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