
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में वन विभाग द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित दक्षिण सिंगपुर वन परिक्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया। इस दौरान 116.596 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया और 54 अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाकर झोपड़ीनुमा संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला दक्षिण सिंगपुर वन परिक्षेत्र के पालगांव और गोंदलानाला क्षेत्र से जुड़ा है। यहां कक्ष क्रमांक 169 के जंगलों में कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर झोपड़ीनुमा मकान बना लिए गए थे। लंबे समय से वन विभाग इन अतिक्रमणों को हटाने की तैयारी कर रहा था, जिसके तहत मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई की गई।
जैसे ही प्रशासनिक टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची, अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। कई लोग अपने सामान को बचाने में जुट गए, जबकि कुछ ने कार्रवाई का विरोध भी किया। शुरुआती दौर में अतिक्रमणकारियों और प्रशासनिक अमले के बीच झूमा-झटकी की स्थिति भी बनी, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस बल ने हालात को नियंत्रित कर लिया।
इस कार्रवाई में वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही, जिससे अभियान को सुचारु रूप से अंजाम दिया जा सका। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई और अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस देकर समझाइश दी गई थी।
एसडीओ एवं संयुक्त वनमंडल अधिकारी बिरगुड़ी एस.एस. नाविक ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार चेतावनी दी गई थी। साथ ही जिन लोगों ने वर्ष 2005 से पहले वनभूमि पर कब्जा किया था, उन्हें वन अधिकार पत्रक भी प्रदान किया जा चुका है। इसके बावजूद जो लोग अवैध रूप से नए कब्जे कर रहे थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि आगे भी लगातार जारी रहेगा। वनभूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना विभाग की प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



