छत्तीसगढ़

गोढ़ी मे भागवत कथा का प्रथम दिन भागवत महात्मय 

गोढ़ी मे भागवत कथा का प्रथम दिन भागवत महात्मय

बिल्हा : ग्राम गोढ़ी मे आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का सर्वोच्च ग्रंथ है, जिसे साक्षात श्रीहरि का स्वरूप माना जाता है। 7 दिनों तक आयोजित होने वाली इस पावन कथा को सुनने से हृदय निर्मल होता है, मोक्ष प्राप्त होता है, और कलियुग के दोष नष्ट हो जाते हैं। यह कथा जीवन में संस्कार लाती है, आत्म-साक्षात्कार कराती है और जीव को परमेश्वर से जोड़ती है, जिसे देवता भी दुर्लभ मानते हैं।

श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का मुख्य महत्व:

पापों से मुक्ति: सात दिनों तक कथा सुनने से प्राणी के जन्म-जन्मांतर के विकार नष्ट हो जाते हैं और वह भवसागर से पार हो जाता है।

ज्ञान और भक्ति का संगम: यह कथा ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का अनूठा मिश्रण है, जो श्रीकृष्ण के प्रेम में लीन करती है।

मोक्ष प्राप्ति: कथा का श्रवण करने से भोग और मोक्ष दोनों सुलभ हो जाते हैं।

साक्षात श्रीकृष्ण का स्वरूप: यह ग्रंथ साक्षात श्रीकृष्ण का जीवंत स्वरूप है, जिससे मन में शाश्वत शांति मिलती है।

संस्कार और वैराग्य: यह कथा जीव को माया के बंधनों से मुक्त कर ज्ञान और वैराग्य जगाती है।

कथा की प्रासंगिकता:

कथा कल्पवृक्ष के समान है, जो समस्त कामनाओं को पूरा करती है और समाज में धार्मिक तथा नैतिक मर्यादाओं को स्थापित करती है। यह न केवल आध्यात्मिक बल्कि लौकिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक मानी गई है।

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