आवाम दूत | आरंग / ग्राम करमा,
ग्राम करमा (आरंग): शासन और प्रशासन की अच्छी से अच्छी पहल भी जमीनी स्तर पर कैसे दम तोड़ देती है, इसका जीता-जागता उदाहरण ग्राम करमा के जारा भांठा में देखने को मिल रहा है। यहाँ सड़क किनारे लगा एक जंग लगा और धुंधला हो चुका बोर्ड आज सिस्टम की घोर लापरवाही और नाकामी की कहानी खुद बयां कर रहा है।
इस पुराने और बदहाल हो चुके बोर्ड पर स्पष्ट रूप से चेतावनी लिखी है:
“यहाँ शराब पीना सख्त मना है। सामूहिक चारागाह हेतु आरक्षित क्षेत्र करमा। असामाजिक, अनैतिक कृत्य करते पाये जाने पर उचित कार्यवाही होगी। अर्थदण्ड 10,000 रुपये। – थाना प्रभारी एवं समस्त ग्रामवासी, करमा आरंग।”
कागजों और बोर्ड तक सीमित रही कार्रवाई
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले ग्राम पंचायत और स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त और सराहनीय पहल करते हुए यह बोर्ड लगाया था। उद्देश्य बेहद साफ था—सामूहिक चारागाह क्षेत्र में अवैध शराबखोरी, अराजकता और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर लगाम कसना। असामाजिक तत्वों में खौफ पैदा करने के लिए 10,000 रुपये के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान भी किया गया था। लेकिन समय के साथ पुलिस विभाग इस चेतावनी को धरातल पर लागू कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ।
शाम ढलते ही सजती है शराबियों की महफ़िल
हकीकत यह है कि पुलिस प्रशासन की सुस्ती के चलते आज भी यहाँ हालात जस के तस बने हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोज़ाना शाम होते ही इस जगह पर शराबियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। खुलेआम नियम तोड़े जा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
ग्रामीणों का सवाल: जब पुलिस चुप, तो हम किससे उलझें?
व्यवस्था से हताश ग्रामीण अब प्रशासन पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब पुलिस ही अपनी लिखी चेतावनी पर कार्रवाई करने नहीं आती, तो आम ग्रामीण अकेले इन असामाजिक तत्वों से कैसे बहस करें? सुरक्षा और कार्रवाई के अभाव में यह बेहतरीन पहल अब केवल एक जंग खा रहे लोहे के टुकड़े में सिमट कर रह गई है।
नियमित गश्त और नए बोर्ड की मांग
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस जर्जर हो चुके बोर्ड को हटाकर नया और स्पष्ट बोर्ड लगाया जाए। साथ ही, जारा भांठा क्षेत्र में पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ाई जाए, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के मन में 10 हजार रुपये के जुर्माने का डर वास्तव में पैदा हो और यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों से मुक्त हो सके।



