रायपुर, 22 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई और बारिश थमने के बाद मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश में इस समय दोहरे मौसम का असर है—दिन के समय तेज धूप निकलने से जहां लोग गर्मी और उमस से परेशान हैं, वहीं सूर्यास्त होते ही गुलाबी ठंड का अहसास होने लगता है। दिन और रात के पारे में करीब 11 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया जा रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है।
मौसम में आए इस अचानक उतार-चढ़ाव के कारण अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी, खांसी, जुकाम और मौसमी बुखार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। फिलहाल बारिश होने के आसार बेहद कम हैं और आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। हालांकि, इसके बाद एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने की संभावना है। इस विक्षोभ के प्रभाव से आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान (रात के तापमान) में आ रही गिरावट का सिलसिला कुछ समय के लिए थम सकता है।
रायपुर में पारा 33 पार, अंबिकापुर सबसे ठंडा
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तापमान का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है:
- राजधानी रायपुर: बुधवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन में तेज गर्मी का अहसास हुआ।
- अंबिकापुर: दूसरी ओर, उत्तरी छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में रात का न्यूनतम तापमान गिरकर 15.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे वहां रातें काफी ठंडी हो गई हैं।
डॉक्टरों ने दी सेहत का ख्याल रखने की सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है:
- कपड़ों का सही चुनाव: दिन में हल्के सूती कपड़े पहनें, लेकिन सुबह और देर रात को बाहर निकलते समय हल्के गर्म या फुल आस्तीन के कपड़े साथ जरूर रखें।
- हाइड्रेटेड रहें: दिन की गर्मी से बचने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
- लापरवाही न बरतें: यदि सर्दी-खांसी, गले में खराश या बुखार जैसी समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो खुद से दवा लेने (Self-medication) के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
फिलहाल अगले 72 घंटों तक मौसम शुष्क बना रहेगा, लेकिन अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में पश्चिमी विक्षोभ के दस्तक देते ही तापमान में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।



