उन्नाव (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक हैरान करने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक युवक की हत्या कर उसकी लाश को लोहे के संदूक में बंद कर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की मदद से मामले का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, उसके एक नजदीकी सहयोगी और दो अन्य को गिरफ्तार कर लिया है।
घरेलू विवाद और आपसी कलह बनी वजह
पुलिस जांच के अनुसार, मृतक सोनू सविता (28 वर्ष) और उसकी पत्नी नेहा रावत (40 वर्ष) के बीच अक्सर विवाद होता था। नेहा की पहली शादी से 4 बेटियां हैं। करीब 8 साल पहले नेहा और सोनू की मुलाकात हुई थी, जिसके बाद दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे और बाद में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली थी।
हत्या की साजिश और वारदात
सोनू और नेहा शुक्लागंज के कंचननगर में किराए के मकान में रह रहे थे। इसी मकान में जितेंद्र उर्फ राहुल सिंह नाम का एक यू-ट्यूबर भी किराए पर रहता था। पुलिस के अनुसार, सोनू के साथ लगातार होने वाले झगड़ों से परेशान होकर नेहा ने जितेंद्र के साथ मिलकर सोनू को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। सोमवार रात को जब सोनू नशे की हालत में था, तब आरोपियों ने उस पर भारी वस्तु से हमला कर उसकी जान ले ली।
शव को ठिकाने लगाने का प्रयास
वारदात को छुपाने के लिए आरोपियों ने शातिर तरीका अपनाया:
- संदूक में शव छुपाया: आरोपियों ने दो मजदूरों की मदद से शव को एक भारी लोहे के संदूक में बंद कर दिया।
- लोडर गाड़ी का उपयोग: मकान बदलने का बहाना बनाकर एक लोडर गाड़ी किराए पर ली गई।
- हाईवे किनारे फेंका: आरोपी संदूक को घटनास्थल से करीब 21 किलोमीटर दूर उन्नाव-लालगंज हाईवे की सर्विस लेन पर छोड़कर फरार हो गए।
CCTV फुटेज से हुआ खुलासा
हाईवे किनारे संदूक में लाश मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जांच शुरू की गई और गदनखेड़ा चौराहा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में संदिग्ध लोडर गाड़ी दिखाई देने पर पुलिस ने उसके नंबर के जरिए चालक का पता लगाया।
कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी नेहा रावत, उसके सहयोगी जितेंद्र सिंह, मजदूर तौहीद और एक अन्य को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन और अन्य सामग्री को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



